एंग्जाइटी डिसऑर्डर क्या है, जानिए इसके कारण, लक्षण एवं उपचार

हमारे मस्तिष्क का स्वस्थ होना महत्वपूर्ण है क्योंकि हमारी शारीरिक और मानसिक ,दोनों गतिविधियाँ इसके द्वारा संचालित होती हैं।

what is anxiety disorder

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एंग्जाइटी डिसऑर्डर(anxiety disorder) एक मानसिक रोग है, जिसमें रोगी में तेज़ बैचैनी, चिंता ,तनाव, नकारात्मकता और भय के लक्षण होते हैं, जो दैनिक कार्यों में बाधा पहुंचा सकते हैं । अगर समय पर इसका सही इलाज न किया जाए तो यह भयानक रूप भी ले सकता है जिसमें आगे चलकर रोगी अपना अहित भी कर सकता है ।

एंजाइटी(anxiety disorder) के कुछ मुख्य कारण

  • यह बीमारी आनुवांशिक भी होती है, जैसे कि अगर परिवार में पहले किसी को मानसिकता विकार से संबंधित कोई समस्या रही है तो इसके होने की संभानाएं बढ़ जाती है।
  • आसपास या आपके प्रियजनों के साथ कोई ऐसी दर्दनाक दुर्घटना , जिससे आप संबंधित हो तो , दिमाग पर गहरा असर छोड़ती है, जिसके वजह से भी एंजायटी होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • कोई स्वास्थय संबंधी समस्याओं से लंबे समय तक ग्रसित रहने पर या किसी तनावपूर्ण स्तिथि में ज्यादा समय तक रहने से।
  • दैनिक जीवन की परेशानियों से निपटने हेतु लोग नशे का सेवन करने लगते हैं, लेकिन धीरे धीरे हम इसके आदी हो जाते हैं, जिसका हमारे मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव पड़ता है । परिणाम स्वरूप अनेक तरह के मानसिक बीमारियों को आमंत्रण देता है।
  • असंतुलित, अस्वस्थ और अव्यवस्थित दिनचर्या एवम् शंकित स्वभाव भी इसका प्रमुख कारण है।
  • आज के दौर में लोग सबसे आगे रहने की जदोजहद में दिखावा करने से भी पीछे नहीं हटते हैं, जिसके वजह से विभिन्न तरह के मानसिक तनाव को निमंत्रण दे बैठते हैं।

जब हम मानसिक रूप से अस्वस्थ होते हैं, तो हमारा व्यवहार, सोचने की क्षमता और समग्र जीवन शैली में परिवर्तन होता है, जो हमें तनाव और चिंता के शिकार होने के लिए प्रेरित करता है।

मानसिक रोग एंग्जाइटी डिसऑर्डर(anxiety disorder) के कुछ सामान्य लक्षण हैं:

  • छोटी छोटी सी बात पर भी ज्यादा चिंता करना
  • अवसाद, सिरदर्द और चक्कर आना
  • डर, घबराहट, निराशा, चिड़चिड़ापन और अत्यधिक थकान महसूस महसूस करना
  • नींद की समस्या, मांसपेशियों में तनाव
  • थोड़ी सी भी समस्या होने पर शरीर का सुन्न होना, अचानक पसीना आना और झुनझुनी होना
  • भूख में कमी, तेज हृदय गति, सीने में दर्द और उच्च रक्तचाप
  • मानसिक विकार में तीव्रता आने पर रोगी का ख़ुद पर से नियंत्रित हट जाता है और वह , दूसरो पर शारीरिक हमले भी करने से हिचकिचाता नहीं है।
  • जिस बात को लेकर चिंतित है , उसके अतिरिक्त किसी और मामले पर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी महसूस करना।

उपरोक्त कारणों के कारण, आप अपने परिवार और प्रियजनों से अकेलापन और दूर महसूस कर सकते हैं।
अगर समय रहते इसका परीक्षण कर इलाज नहीं हो तो यह गंभीर अवसाद का रूप भी ले सकता है।

लेकिन हर समस्या के लिए, एक समाधान है और हमारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी, कुछ बहुत आसान और उपयोगी चीजें हैं जो आप अभ्यास कर सकते हैं जो आपको एक अच्छा और स्थिर दिमाग बनाए रखने में मदद करेंगे।

अपने मस्तिष्क को आराम देने में मदद करने के लिए इन नीचे दिए गए तरीकों का पालन करें:

  • साइकोथेरेपी की मदद ले सकते हैं।
  • अपने विचारों को उन लोगों के साथ साझा करें जो आपके करीबी हैं, अकेले ना रहें।
  • छोटी सी बात या समस्याओं पर बड़ी या अनावश्यक प्रतिक्रिया देने से बचे अपितु,परिवारजनों के सहयोग से शांति और धैर्य से निपटाए।
  • अपने पसंदीदा कार्यों के लिए समय निकालें जैसे कुछ खेल खेलना, संगीत सुनना, बागवानी करना या किताब पढ़ना
  • दिन में कम से कम 20 मिनट अपने और प्रकृति के साथ बिताएं
  • व्यायाम करना शुरू करें
  • स्वस्थ और पोषक भोजन खाएं

जीवन के ये सरल और लाभकारी तरीके आपके जीवन, मन और आत्मा को संतुलित करने में मदद कर सकते हैं।

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