Site icon Wellness हिंदी

छाती में गैस के लक्षण, कारण एवं उपचार

छाती में गैस के लक्षण, कारण एवं उपचार: गैस यानी एसिडिटी एक आम समस्या है। गैस बनने का मुख्य कारण अपच है। गरिष्ठ भोजन और नींद की कमी से खाना नहीं पचता है और गैस की समस्या हो जाती है। आजकल खान-पान और जीवनशैली में बदलाव से गैस की समस्या लगभग सभी पुरुषों, महिलाओं और बच्चों में भी दिखने लगी है। जिन लोगों को रोजमर्रा में गैस की तकलीफ होती है तो उन्हें कभी पेट दर्द, सिर दर्द, कभी कमर दर्द और कभी सीने में दर्द होता है।

पर जिस दर्द को हम गैस या एसिडिटी समझकर ध्यान नहीं देते कहीं वह हार्टअटैक वाला दर्द तो नहीं। लेकिन सीने में दर्द होना हमेशा हार्टअटैक का संकेत नहीं है। यह गैस की वजह से भी होता है। जब गैस शरीर से बाहर नहीं निकल पाती है तो यह शरीर के कई हिस्सों में घूमने लगती है और जब गैस सीने तक पहुंच जाता है तो छाती में दर्द होने लगता है।

छाती में गैस के लक्षण:

आइए जानते हैं शरीर में गैस की समस्या से छाती में होने वाले दर्द और इसे पहचानते हैं इन लक्षणों से:

खट्टी डकार:

यदि आपको बार-बार खट्टी डकारे आ रही है तो यह गैस का लक्षण है।

जी मिचलाना:

गैस बनने की वजह से जी मिच लाता है ,और बेचैनी होती है।

भूख में कमी:

सीने में वायु का प्रकोप बढ़ जाने पर खाने का मन नहीं करता और भूख भी नहीं लगती है ।

खाने के बाद सीने में दर्द :

वैसे तो सीने मे गैस भरे होने के काफी लक्षण है। इनमे से आपको एक या ज्यादा लक्षण भी दिखाई दे सकते है।

छाती मे गैस कई कारणो से जमा हो जाती है। जब हम इन कारणो का ध्यान रखेंगे तो हमे गैस की समस्या से छुटकारा भी मिल सकता है- मुश्किल है नामुमकिन नही।

छाती मे गैस होने के कारण:

छाती में गैस के घरेलू उपचार

यदि आपको गैस के कारण सीने में दर्द है तो आप कुछ घरेलू उपचार करके भी इस समस्या से निजात पा सकते हैं

अजवाइन :

पपीता:

पपीता फाइबर(fiber) का अच्छा स्रोत है। बढ़ते वजन ,गैस की समस्या और कब्ज में भी लाभदायक है। पेट की समस्याओं में राहत दिलाता है। भोजन को पचाने में भी मददगार है।

सेब का सिरका(Apple cider vinegar):

एक कप पानी में दो चम्मच सेब का सिरका मिलाकर पीने से जल्द ही आराम मिलता है।

इलायची(Cardmom)-जीरा (Cumin):

पानी में इलायची उबालकर चाय पी ले और जीरा पानी भी पी सकते हैं। गैस के कारण होने वाले दर्द में बहुत ही आराम दायक है।

अदरक(Ginger):

अदरक की चाय पीने से या अदरक का पानी पीने से भी गैस नहीं बनती है। और बनी हुई गैस को भी जल्दी से निकालने में सहायक है।

गुनगुना पानी पिए (Drink warm water):

रोज सुबह एक से दो गिलास गुनगुना पानी पिए। बहुत ही लाभ होगा। गैस और कब्ज दोनों में ही लाभदायक है। हर्बल टी(Herbal Tea) भी आप ले सकते हैं ।

पेपरमिन्ट(Peppermint) टी :

छाती में फंसी हुई गैस को निकालने में पेपरमिन्ट टी एक प्रभावी उपचार है। इससे जी मिचलाना और उल्टी वाली स्थिति में भी राहत मिलती है।

सरसों के बीज(Mustard seeds):

सरसो के बीज यानि राई काफी फायदेमंद है। खाना बनाते समय तड़के के रूप में उपयोग कर सकते हैं।

बेकिंग सोडा(baking soda):

एक गिलास पानी में आधा चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर पी लीजिए। दर्द में राहत मिलेगी।

👉भोजन करने के बाद सौंफ और गुड़ खाने से भी गैस की समस्या पैदा नहीं होगी।
👉पुदीने वाली चाय से भी पेट से गैस निकल जाती है।
👉अगर आपको गैस की समस्या हो गई है तो आप दूध और दूध से बने खाद्य पदार्थों का सेवन का परहेज करें।
👉कोल्ड ड्रिंक ना पिए।
👉ज्यादा पानी पीना सबसे अच्छा और सरल उपाय है ।
👉फूड इनटोलरेंस(Food intolerance) खाने में आई हुई कोई भी खाद्य पदार्थ जो पाचन तंत्र को परेशान कर रहा है वह अतिरिक्त गैस का निर्माण करता है। जिससे सूजन ,पेट दर्द और अत्यधिक गैस की समस्या होती है।

छाछ(Buttermilk):

मसालेदार खाना खाने से एसिडिटी की परेशानी होती है, तो मसालेदार खाना खाने के बाद छाछ पी ले। छाछ में मौजूद लैक्टिक एसिड पेट में गैस नहीं बनने देते हैं।

👉10 से 15 काली मिर्च का पाउडर बना लें। एक चम्मच नींबू का रस ले। दोनों को पानी में मिलाकर पी लें।
👉पीसे हुए धनिया पाउडर दो चम्मच को एक गिलास पानी में उबाल लें ।इस पानी से भी गैस में राहत मिलती है।

लवंग (Cloves)-छोटी इलायची:

इनको को रोज खाना खाने के बाद चूस ले। जिससे गैस की समस्या पैदा नहीं होगी।

👉ठंडा दूध पीने से भी गैस की समस्या से राहत मिलती है। एंटी एसिड सिरप भी ले सकते हैं।
👉अपनी जीवनशैली में थोड़ा बदलाव करके व्यायाम के लिए समय निकालें ।
👉रोजाना आधा घंटे घूमना- फिरना चाहिए। मार्जरासन, भुजंगासन ,पवनमुक्तासन, वज्रासन बहुत ही लाभदायक आसन है। रोज खाना खाने के बाद कम से कम 15 मिनट वज्रासन में बैठना चाहिए। इससे खाना बराबर पच जाता है और गैस की स्थिति ही नही बनती। अपनी दिनचर्या में प्राणायाम आदि को शामिल करें।

मुद्रा(Hand Posture):

हाथ की प्रथम उंगली के अग्रभाग को अंगूठे के मूल भाग पर लगाएं। इस मुद्रा का कम से कम आधा घंटा प्रयोग करें। गैस में बहुत आराम मिलेगा।

आजकल गैस की समस्या हर किसी को हो जाती है इसका मुख्य कारण है शारीरिक गतिविधि में कमी और भारी भोजन करना। अपनी जीवन शैली में योग, व्यायाम अपनाएं और पौष्टिक खाना खाए तो आप गैस की समस्या से हमेशा के लिए निजात पा सकते हैं।

यह भी पढ़े:

Exit mobile version