पीरियड मिस होने के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करे

पीरियड मिस होने के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करे: पीरियड यानी मासिक धर्म/ माहवारी हर महीने में एक बार आती है। यह लगभग 10 से 15 वर्ष की लड़कियों से शुरू होता है और हर महीने अनवरत रूप से एक निश्चित तारीख के 4 दिन पहले या बाद में आता है। माहवारी (Menstruation) आना एक सामान्य बात है जैसे ही माहवारी शुरू होती है लड़कियों में कई तरह के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं। समय पर पीरियड आना भी खुशी की बात है, पता चलता है कि बच्चेदानी(uterus)प्रजनन के लिए तैयार है।

पीरियड मिस होने के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करे

पीरियड मिस होने के कारण:

कई बार जीवन शैली में बदलाव, हार्मोनल समस्या की वजह से भी पीरियड मिस होते है। लेकिन जब किसी महिला के पीरियड मिस होते है तो सबसे पहली और सामान्य वजह प्रेग्नेंसी ही होती है। प्रेग्नेंसी के अलावा भी कई कारण और वजह जिम्मेदार है पीरियड मिस होने के:

  • हार्मोनल समस्या(PCOC)
  • थायराइड(Thyroid)
  • हार्मोनल बर्थ कंट्रोल पिल्स का लेना(Intake of birth control pills)
  • ब्रेस्ट फीडिंग (Breast feeding)
  • पेरीमेनोपाज
  • तनाव (stress)
  • हाई इंटेंसिटी वर्कआउट
  • दिनचर्या में बदलाव
  • दवाइयों का सेवन /असर(reaction)
  • बदलता वजन (अत्यधिक बढना या तेजी से कम होना)
  • रजोनिवृत्ति
  • प्रेग्नेंसी

आदि कारण जिम्मेदार होते हैं पीरियड्स मिस होने के।

पीरियड मिस होने पर:

अविवाहित महिलाए या वे महिलाए जो गर्भधारण के लिए तैयार नहीं है उनके लिए पीरियड मिस होना एक भयानक सपने की तरह होता है। कोई भी इस स्थिति का अनुभव नहीं करना चाहती है। जो महिलाएं गर्भवती होना चाहती है या बेबी प्लानिंग कर रही है तो उनके लिए खुशी की बात होती है। एक महीने की माहवारी पूरी हो जाए और दूसरे महीने की माहवारी शुरू हो, उसके बीच में शरीर कई तरह के संकेत दे देते हैं। जैसे ही पीरियड मिस हुए, महिलाओ मे यह जानने की उत्सुकता और जिज्ञासा रहती है कि कितने दिन बाद टेस्ट करना चाहिए, ताकि प्रेग्नेंसी का सटीक पता लग सके।

पीरियड मिस होने पर महिलाओ के शरीर मे गर्भावस्था के लक्षण दिखाई देते है। आइए जानते है ऐसे लक्षणो को:

  • थकान महसूस होना
  • छाती में भारीपन
  • बार-बार पेशाब आना
  • ब्लोटिंग (bloating)
  • पेट मे हल्का दर्द (cramps)
  • जी मिचलाना
  • उल्टी आना
  • मूड बदलना (mood swings)
  • कब्ज होना
  • एसिडिटी होना
  • पेट के नीचे ऐठन होना
  • नाक का सेंसेटिव (sensitive)होना

यदि आपको अपने शरीर में ऐसे छोटे-छोटे बदलाव संकेत दिखाई दे रहे हैं तो प्रेग्नेंसी टेस्ट जरूर करवाएं। महिलाओं में गर्भधारण होने के 6 से 14 दिनों में शुरुआती लक्षण दिखाई देने लग जाते हैं। जैसे ही अंडा फर्टाइल(fertile) होता है आपके शरीर के हारमोंस बहुत जल्दी से बढ़ते हैं। समय बीतने के साथ यह लक्षण भी बढ़ने लगते हैं।

प्रेग्नेंसी टेस्ट कितने दिनों बाद करना चाहिए:

पीरियड मिस हो जाने को ही हम प्रेग्नेंसी का संकेत नहीं मान सकते। पीरियड्स मिस होने के कम से कम 7 से 10 दिनों के बाद ही प्रेग्नेंसी टेस्ट करना चाहिए क्योंकि प्रेग्नेंसी किट आपके पेशाब (urine) में आने वाले एचसीजी (HCG)लेवल को चेक करता है और उसी आधार पर आपको बताता है कि आप प्रेग्नेंट है या नहीं। अगर आप बहुत जल्दी टेस्ट करोगे तो आपके यूरिन में एचसीजी नहीं पहुंचेगा तो शायद किट( pregnancy test kit)भी सही जवाब ना दे पाए।

कई बार गलत समय और गलत तरीके से करने पर टेस्ट का रिजल्ट भी सही नही आता है। प्रेग्नेंसी का का पता लगाने के लिए किट का इस्तेमाल किया जाता है जो आसानी से केमिस्ट की दुकान पर उपलब्ध है। टेस्ट करने के लिए सबसे पहले यूरिन(सुबह का सबसे पहला पेशाब या यूरिन) को लेने की सलाह दी जाती है और फिर किट(pregnancy test kit) पर दिए गए निर्देशानुसार इस्तेमाल करें।

घर पर ही प्रेग्नेंसी टेस्ट करना सबसे बेहतर विकल्प है। Early pregnancy symptoms (अर्ली प्रेगनेंसी सिंपटम्स) के लक्षण महसूस हो तो जितनी जल्दी हो सके जांच कर ले। प्रेग्नेंसी टेस्ट के लिए हमेशा सुबह के पहले पेशाब का इस्तेमाल करें क्योंकि अगर पेशाब में एचसीजी नामक हार्मोन मौजूद है या नहीं।शरीर मे एचसीजी हार्मोन तभी बनता है जब अंडा गर्भाशय में पहुंच जाता है और महिला गर्भ धारण कर चुकी होती है।

प्रेग्नेंसी टेस्ट दो प्रकार के होते हैं:

1. यूरिन(पेशाब) टेस्ट(Urine pregnancy test):

यह टेस्ट बहुत आसान और निजी होता है। कोई भी महिला यूरिन चेक करवा कर प्रेग्नेंट है या नहीं पता लगा सकती हैं। इसे प्रेग्नेंसी टेस्ट किट द्वारा घर पर भी प्रेग्नेंसी की जाँच कर सकते हैं या फिर नजदीकी क्लीनिक पर जाकर यूरिन का सैंपल देकर भी चेक करा सकते हैं। यूरिन टेस्ट का रिजल्ट 99% सही आता है। इस टेस्ट को बिना डॉक्टर से पूछे भी कर सकते है।

2. ब्लड टेस्ट(Blood test):

प्रेग्नेंसी का पता ब्लड टेस्ट के जरिए भी लगाया जा सकता है। इसके लिए आपको अस्पताल में जाकर ब्लड सैंपल देना होता है। इसमें थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है और रिपोर्ट आने में देरी भी हो सकती है। लेकिन ब्लड टेस्ट के नतीजे यूरिन टेस्ट के मुकाबले अधिक सही माने जाते हैं।

✅कभी-कभी HCG हार्मोन का स्तर देरी से बढ़ता है और पेशाब में आने में देरी होती है, ऐसे में एक बार रिपोर्ट नेगेटिव आए तो चार-पांच दिन के बाद दोबारा जांच ले, सही पता लग जाएगा।

✅जांच करने से पहले बहुत ज्यादा पानी पीते हैं तो एचसीजी हार्मोन का स्तर पेशाब में कम आता है और सही से पता नहीं चल पाता।

अगर आपके पीरियड रेग्युलर (regular)है तो आपको कितने दिन बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करना चाहिए:

✅यदि महिला के मासिक धर्म चक्र नियमित है तो पीरियड मिस होने के 1 दिन बाद भी टेस्ट करवा सकते हैं। लेकिन 7 दिन बात करवाने पर 99% सही रिजल्ट आएगा।

अगर आपके पीरियड्स अनियमित(irregular)हैं तो टेस्ट कितने दिन बाद करना चाहिए:

✅अनियमित मासिक धर्म मे पिछली माहवारी के 36 दिन बाद ही जांच करवाएं।

दूसरा उपाय: आपके यौन संबंध से 4 हफ्ते बाद आप टेस्ट करवाए। एचसीजी (HCG)हार्मोन आने से अच्छी तरह से मालूम पड़ जाएगा।

यहाँ कुछ निर्देश दिए गए हैं जिनके आधार पर ही प्रेग्नेंसी टेस्ट परिणाम की सटीकता निर्भर करती है:

  • प्रेगनेंसी टेस्ट किट पर लिखे निर्देशों का सही ढंग/तरीके से पालन करना।
  • ओव्यूलेशन(ovulation) और अंडे के फर्टाइल(fertile) में लगने वाला समय
  • प्रेगनेंसी टेस्ट सही समय पर करना, एचसीजी हार्मोन का स्राव होना।

बहुत सी महिलाएं पीरियड मिस होने पर घबरा जाती हैं। पीरियड मिस हो जाने पर घबराए नहीं, समय से प्रेग्नेंसी टेस्ट करवा ले और डॉक्टर की सलाह अवश्य ले।

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