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कोलेस्ट्रॉल कम करने का रामबाण इलाज

कोलेस्ट्रॉल कम करने का रामबाण इलाज: आजकल लगभग हर तीसरे घर में कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित व्यक्ति दिखाई दे जाते हैं। जीवन शैली में बदलाव, असंतुलित आहार, दिन भर बैठे रहना आदि कारण जिम्मेदार है हाई कोलेस्ट्राल के। कोलेस्ट्राल ऐसा खतरा है कि कभी-कभी पता नहीं चलता है और अचानक से कुछ ऐसा हो जाता है कि हालात संभालना बहुत कठिन हो जाता है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में हाई कोलेस्ट्राल के मरीजों की संख्या 20 से 25 फ़ीसदी बढ़ी है। इसके अलावा मोटापा, स्मोकिंग और कुछ दवाइयों के सेवन से भी कोलेस्ट्रोल का स्तर शरीर में बढ़ सकता है।

इस समस्या से निपटने के लिए लोग अक्सर दवाइयों और इलाज का सहारा लेते हैं। पर दवाइयों के साथ- साथ या कोलेस्ट्राल होने पर जीवन शैली में बदलाव और कुछ घरेलू नुस्खों से इस समस्या से राहत पाई जा सकती है।

कोलेस्ट्राल क्या होता है?

कोलेस्ट्रॉल एक तरह का वसा(fat) होता है जो खून में मौजूद रहता है। हमारे शरीर की हर कोशिका को जीवित रहने के लिए कोलेस्ट्रॉल का होना बहुत जरूरी है। लिवर मे उत्पन्न कोलेस्ट्राल हारमोंस के निर्माण और उनके सही तरह से काम करने के लिए महत्वपूर्ण रोल निभाता है। जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर आवश्यकता से अधिक बढ़ जाता है तो तरह- तरह की शारीरिक समस्याएं उत्पन्न होती है जैसे हार्टअटैक, ब्रेन हेमरेज, लकवा आदि।

कोलेस्ट्रॉल के प्रकार:

शरीर में कोलेस्ट्रॉल दो तरह के होते हैं गुड कोलेस्ट्रॉल (High Density Protein)और बेड कोलेस्ट्रॉल(Low Density Protein)।

HDLयानि गुड कोलेस्ट्रॉल काफी हल्का होता है और यह ब्लड कोशिकाओं में जमे वसा को अपने साथ बहा ले जाता है।

बैड कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल(LDL) ज्यादा चिपचिपा और गाढ़ा होता है। अगर एलडीएल की मात्रा अधिक हो तो यह ब्लड कोशिकाओं और आर्टरी के दीवारों पर चिपक जाता है और खून के बहाव में रुकावट पैदा करता है।

कोलेस्ट्रॉल की जांच एवं मात्रा:

कोलेस्ट्रॉल की जांच के लिए लिपिड प्रोफाइल नामक ब्लड टेस्ट कराया जाता है। स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में 200 मिलीग्राम/ DL से कम, HDL 60 मिलीग्राम /DL से कम और LDL 100 मिलीग्राम/DL से कम होना चाहिए ।

80 प्रतिशत कोलेस्ट्रॉल लीवर की सहायता से शरीर खुद बनाता है और 20 प्रतिशत भोजन के जरिए शरीर में पहुंचता है। हमारे शरीर में खाद्य पदार्थों को पचाने में मदद करने और अन्य कार्यों के लिए कोलेस्ट्रॉल की जरूरत होती है। जब रक्त में कोलेस्ट्रॉल का लेवल बहुत अधिक बढ़ जाता है तो रक्त वाहिनी में अवरोध उत्पन्न होने लगता है। हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ रहा है तो इसका अंदाजा हम इन लक्षणों द्वारा कर सकते हैं।

आइए जानते हैं कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के लक्षणों के बारे में:

गलत खानपान और अनियमित दिनचर्या का सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है। इसमें हम थोड़ा बदलाव करके बेड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल कर के, गुड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ा सकते हैं।

कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए घरेलू उपाय:

👉रोजाना लौकी का जूस पिए। ध्यान रहे लौकी कड़वी ना हो ।

👉एक गुच्छा(bunch) पालक, दो चम्मच अलसी(flax seed) के बीज, पानी। इन सभी चीजों को मिक्सर में डालकर अच्छी तरह से पीसकर जूस बना ले। इनके सेवन से तेजी से कोलेस्ट्रॉल कम होगा।

👉अलसी के बीज को सेक कर या फिर पाउडर बनाकर भी प्रयोग कर सकते हैं। अलसी में ओमेगा-3 के साथ कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं। अलसी कोलेस्ट्रॉल कम करने के साथ-साथ बढ़ते वजन को भी रोकता है। अलसी में लिनोलेनिक एसिड और ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है।

👉अर्जुन की छाल का काढ़ा पीएं। इसके लिए 2 से 3 ग्राम अर्जुन की छाल को पकाए और इसके पानी का सेवन करें। अर्जुन छाल ना मिलने पर अर्जुन क्वाथ का काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं।

लहसुन(Garlic):

लहसुन सब्जी, दाल या अन्य व्यंजनों के स्वाद को बढ़ाता है। लहसुन में एली सीन(allicin) और मैग्नी(magni) होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करते हैं। लहसुन एंटी बैक्टीरियल, एंटी वायरल और एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है।

रोजाना लहसुन की दो से तीन कलियों को चबाएं। कच्ची लहसुन की कलियां चबाने से शरीर में गर्मी का एहसास होता है और ब्लड सरकुलेशन बहुत तेजी से होता है। लहसुन में कुछ ऐसे एन्जाइम्स पाए जाते हैं जो एलडीएल (बेड ) कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक होते हैं।

ड्राई फ्रूट्स(Dry fruits):

स्वस्थ जीवन शैली के लिए हर रोज सूखे मेवो का सेवन करना चाहिए। बादाम, अखरोट, पिस्ता में पाए जाने वाला फाइबर, ओमेगा 3 फैटी एसिड और विटामिन बेड कोलेस्ट्रॉल को घटाने में और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मददगार है।

👉सोयाबीन और दालों में भरपूर फाइबर होता है। यह खून में मौजूद एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकालने में लीवर की मदद करते हैं और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ावा देते हैं।

👉जैतून(olive) का तेल अच्छे कोलेस्ट्रॉल का स्रोत है। इसमें HDL होता हैं जो शरीर से विषैले पदार्थ को कम करते हैं।

नींबू:

कोलेस्ट्रॉल की समस्या से पीड़ित लोगों को रोजाना नींबू का सेवन करना चाहिए। नींबू एवं अन्य खट्टे फलों में घुलनशील फाइबर होते हैं जो खाने की थैली में कोलेस्ट्रोल के प्रवाह को रोकने का काम करते हैं।

आंवला(Goose berry):

रोजाना खाली पेट आंवला के रस में एलोवेरा का रस मिलाकर पीने से कोलेस्ट्रॉल का लेवल घट जाता है।

हल्दी(Turmeric):

हल्दी बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक है। गर्म दूध या गर्म पानी में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर ले।

ग्रीन टी:

ग्रीन टी में पाए जाने तत्व बेड कोलेस्ट्रॉल को तेजी से कम करने का कार्य करते हैं।

मेथी दाना(fenugreek):

मेथी दाना कैल्शियम, पोटेशियम, लोहा, जस्ता, मैग्निशियम जैसे खनिज तत्वों से भरपूर होता है। इसके सेवन से लिपॉप्रोटीन यानी एलडीएल का स्तर घटता है।

धनिया पाउडर:

धनिया पाउडर में विटामिन ए, सी, फोलिक एसिड और कई एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं। रोजाना एक चम्मच धनिया पाउडर को 2 मिनट तक पानी में उबालें और पीले। यह उपाय बेड कोलेस्ट्रॉल को कम कर देगा।

योगासन/ कसरत:

योग से हम हर बीमारी से बचने का इलाज पा सकते हैं चाहे शारीरिक हो या मानसिक। आप अपनी दिनचर्या में योगा शामिल करके कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकते हैं। कुछ ऐसे योगासन जो कोलेस्ट्रोल कम करने में बहुत ही लाभकारी है- सूर्यनमस्कार, धनुरासन, नौकासन, भुजंगासन, उष्ट्रासन, मत्स्यासन आदि। हफ्ते में 5 दिन कम से कम 30 मिनट के लिए एरोबिक कसरत जरूर करनी चाहिए।

एरोबिक कसरत यानी रोजमर्रा की कसरत जैसे पैदल चलना, दौड़ना सीढ़ी चढ़ना, घर के काम आदि। तेज चलने से भी कैलोरी बर्न होगी, कोलेस्ट्रोल कम होगा और विषैले पदार्थ बह जाएंगे। दो महीने नियमित योगासन करने से एचडीएल(गुड कोलेस्ट्रॉल) को 5 % तक बढ़ा देते हैं।

👉सुबह गर्म पानी पिए।

👉15 से 20 मिनट कपालभाति, अनुलोम विलोम करें। नियमित प्राणायाम करने से 1 सप्ताह में ही फर्क दिखने लग जाएगा।

परहेज करे:

डेयरी उत्पाद, मीट, गरिष्ठ आहार, नारियल तेल, वनस्पति तेल (trans fat), मक्खन, चॉकलेट, तली भुनी चीजें, ज्यादा मिर्च मसाले, प्रोसैस्ड फूड, बेकरी प्रोडक्ट्स आदि जिसमें सैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक होती है उससे कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की आशंका ज्यादा रहती है।

खाने में शामिल करें:

अपने आहार में साबुत व मिश्रित अनाज खाए, फल -हरी सब्जियां, फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें। पेड़ पौधों से मिलने वाले भोजन में किसी तरह का कोलेस्ट्रोल नहीं होता है।

आनुवांशिक कारण:

अगर आपके परिवार में कोलेस्ट्रॉल की शिकायत बहुत से लोगों की है तो आप भी जल्दी-जल्दी जांच/ रिपोर्ट करवाते रहें।

कोलेस्ट्रॉल लेवल हाई होने से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। खून मे कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने से नसे संकरी हो जाती है और रक्त का प्रवाह रुक रुक जाता है। और कई बीमारियों को भी आमंत्रण देता है।

आइए जानते हैं हाई कोलेस्ट्राल से होने वाले नुकसान के बारे में:

मानसिक समस्याएं: जिस तरह से हाई कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए खतरनाक है उसी तरह कोलेस्ट्रोल की कमी भी कई तरह के स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ावा देती है। LDL कोलेस्ट्रॉल से कैंसर जैसी बीमारी की आशंका बढ़ जाती है।

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