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पेशाब मे जलन के घरेलू उपचार

पेशाब मे जलन के घरेलू उपचार: पेशाब में जलन होना एक आम समस्या है। यह समस्या महिलाएं, पुरुष एवं बच्चे किसी को भी हो सकती है। वैसे तो इसका मुख्य कारण शरीर में पानी की कमी होना है। कभी-कभी पेशाब में जलन इतनी बढ़ जाती कि बैठना भी मुश्किल हो जाता है। पेशाब के दौरान जलन या दर्द होने की समस्या को डिस्युरिया कहते हैं। मूत्र नली संक्रमण (Urinary Tract Infection) मतलब पेशाब की नली में संक्रमण या इन्फेक्शन होना। संक्रमण बढ़ जाने पर कंपकंपी या बुखार भी आ जाता है। पेशाब से बदबू आना, खून आना भी संक्रमण का ही लक्षण है।

पेशाब में जलन होने के मुख्य कारण है

पेशाब रोक कर रखना:

👉पेशाब रोक कर रखना सबसे बुरी आदत है। जब हम 2 घंटों के लिए पेशाब रोक कर रखते हैं तो पेशाब करने के बाद भी ऐसा ही लगता है कि जैसे अभी और पेशाब आ रहा है।

👉पेशाब को रोक कर रखने से दूसरी समस्या है जलन की। यूरिन को शरीर के बाहर फेंकने वाली ट्यूब में तेज जलन होती है जिसका दर्द बहुत ही असहनीय होता है।

👉पेट के निचले हिस्से में दर्द होता है क्योंकि हम पेशाब को रोकते हैं तो मसल्स को यूरिन रुकने में बहुत अधिक मेहनत करनी होती है। इससे पेट के निचले हिस्से की मसल्स पर दबाव पड़ता है और दर्द होता है।

पेशाब में जलन के अन्य कारण:

पेशाब की जलन और दर्द रोकने के लिए घरेलू उपचार

यूरिन में जलन से राहत पाने के लिए सर्वप्रथम आप पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें। पानी के सेवन से शरीर मे मौजूद विषाक्त पदार्थ और अशुद्धिया अपने आप निकल जाती है।

नींबू :

पेशाब को रोके नहीं:

जितनी देर हम पेशाब को रोकेंगे उतना ही दर्द और इन्फेक्शन बढ़ता रहेगा। ज्यादा देर तक रोके रखने पर मूत्र नली के फटने का भी डर रहता है।

नारियल पानी(coconut water):

नियमित रूप से नारियल पानी का सेवन करें। नारियल पानी प्राकृतिक रूप से उपलब्ध विटामिंस और मिनरल्स का खजाना है। नारियल पानी के सेवन से शरीर में ठंडक होती है, जो जलन कम करती है।

खीरा-ककड़ी (cucumber):

जलन में खीरा बहुत ही लाभकारी है। खीरे का सलाद खाएं या खीरे के रस में नींबू और शहद डालकर पिए। जल्द आराम मिलेगा।

सेब का सिरका(apple cider vinegar):

सेब के सिरके में एंटीबैक्टीरियल(antibacterial)और एंटी फंगल(anti fungal) गुण पाए जाते हैं।

एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच सेब का सिरका और एक चम्मच शहद डालकर पी ले। पेशाब की जलन दूर करने में बहुत ही सहायक है।

दही(curd):

दही में लैक्टिक एसिड (lactic acid)पाया जाता हैं। रोज एक या दो कटोरी दही खाएं। इससे स्वस्थ बैक्टीरिया बनते हैं, जो जलन कम करने में सहायक है।आप छाछ भी ले सकते हैं।

साफ-सफाई (Intimate hygiene):

निजी अंगों(intimate parts) की सफाई का विशेष ध्यान रखें। अंदर पहनने वाले(Under garments) कपड़े ढीले और हवादार हो। थोड़ी भी गीले हुए अंडर गारमेंट्स को तुरंत बदल देना चाहिए और पेशाब करने के बाद उस जगह को अच्छी तरह से धोए। आगे से पीछे की तरफ जेट स्प्रे से धोएं।

विटामिन सी(Vitamin C):

विटामिन सी युक्त पदार्थों का सेवन ज्यादा करें। संतरा, मौसंबी, खट्टे फलों के अलावा स्ट्रौबरी, कीवी, पपीता, अमरूद, अनानास, आम, ब्रोकली भी विटामिन सी के अच्छे स्रोत हैं।

इलायची(Cardamom):

इलायची एक प्राकृतिक मूत्र वर्धक है और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में सहायक है। इलायची पाचन में सहायता करती है, और माउथ फ्रेशनर भी है।

क्रेनबेरी(Cranberry):

क्रेनबेरी और अनार में यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन(मूत्र पथ के संक्रमण ) को दूर करने में बहुत ही मददगार है।

चीनी(sugar) का इस्तेमाल कम करें:

अधिक चीनी या मीठी चीजों के सेवन से इन्फेक्शन बढ़ने का खतरा होता है। डायबिटीज मरीजों को यूटीआई(UTI) का संक्रमण जल्दी से होता है। शराब एवं धूम्रपान के सेवन से बचे।

योग(Yoga):

योग की सहायता से हम अपने नीचले हिस्से को को मजबूत बना सकते हैं ,जिससे पेशाब संबंधी कोई भी तकलीफ ना हो। योग मुद्रा (दाएं बाएं करने से), पवनमुक्तासन, सेतुबंध आसन, भद्रासन, प्राणायाम, अश्विनी मुद्रा(नीचे के भाग को खींचना और फिर छोड़ना ) आदि का प्रयोग करते रहने से हम संक्रमण से बच सकते हैं।

👉संभव हो तो इंडियन स्टाइल वाले शौचालय का उपयोग करे। वेस्टर्न स्टाइल वाले शौचालय को उपयोग करने से पहले अच्छे से धो ले ।

👉यौन संबंधों के बाद अगर यह समस्या हो तो बाद में पानी से अच्छे से साफ करें और कंडोम का प्रयोग करें।

घरेलू उपायों के बाद भी आराम ना मिले तो यूरिन का टेस्ट करवाएं और फिर डॉक्टर से इलाज मे एंटीबायोटिक दवाईया चालू करवा सकते हैं।

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