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अश्वगंधा और शिलाजीत के फायदे

अश्वगंधा और शिलाजीत के फायदे: अश्वगंधा और शिलाजीत आयुर्वेद के दो महत्वपूर्ण और पुरानी जड़ी बूटी है। अश्व का अर्थ होता है घोड़ा और गंध का मतलब खूशबू यानी ऐसी कोई जड़ी बूटी जिसमें घोड़े की सुगंध आती है। अश्वगंधा और शिलाजीत पुरुषों के लिए बहुत ही गुणकारी है। इसके सेवन से बुढ़ापा भी जल्दी नहीं आता है। शिलाजीत को पहाड़ों का पसीना भी कहा जाता है। वैसे तो यह दोनों ही बहुत ही गुणकारी और लाभदायक औषधि है। हमारे शरीर में त्रिदोष, सात धातु, मल आदि को संतुलित करता है। शिलाजीत में विटामिंस, मिनरल्स के साथ 85 एक्टिव पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर में जल्दी से समाहित हो जाते हैं।

अब हम अश्वगंधा और शिलाजीत के आयुर्वेदिक रहस्य जानेंगे। सबसे पहले हम अश्वगंधा और शिलाजीत के बारे में थोड़ी-थोडी सी जानकारी लेते हैं ताकि आयुर्वेदिक उपचार में उनके फायदे जान सके।

अश्वगंधा:

अश्वगंधा को इंडियन जिनसेंग और विंटर चेरी भी कहा जाता है। अश्वगंधा एक पौधा है। मस्तिष्क संबंधी सभी तकलीफों में स्वास्थ्य लाभ देता है। अश्वगंधा का वैज्ञानिक नाम विथानिया सोम्निफेरा (withania somnifera) है। अश्वगंधा चूर्ण और अश्वगंधा कैप्सूल के रूप में बाजार में उपलब्ध है। तनाव में भी अश्वगंधा का उपयोग प्राचीन काल से किया जाता है।

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फर्टिलिटी (fertility)में भी उपयोगी है, पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन को बढ़ाता है, ब्रेन फंक्शन में अश्वगंधा फायदेमंद है। वात को बैलेंस करता है इसलिए अश्वगंधा त्वचा और जोड़ों के रोगियों के लिए बहुत ही लाभदायक है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में अश्वगंधा बहुत ही कारगर है। इसके अलावा भी इसके बहुत सारे फायदे हैं।

शिलाजीत:

शिलाजीत पहाड़ में पत्थरों की दरार में जमा तत्व फुलविक एसिड (fulvic acid) होता है। अश्वगंधा की तरह शिलाजीत भी आयुर्वेद में इस्तेमाल होने वाली प्राचीन जड़ी बूटी है। शिलाजीत में एंटीऑक्सीडेंट, दर्द निवारक, anti-diabetic, एंटी फंगल, एंटी एलर्जी और रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने के गुण पाए जाते हैं। शिलाजीत की तासीर गर्म होने के कारण इसका सेवन सर्दियों में किया जाता है। शिलाजीत सबसे ताकतवर खनिजों में से एक है। इसका उपयोग सेहत से जुड़ी कई समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है।

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किसी भी पुरुष की प्रजनन क्षमता (male fertility)को बढ़ाने में शिलाजीत बहुत उपयोगी माना गया है। शिलाजीत एक सेक्सुअल हर्ब है। शिलाजीत एक प्राकृतिक ऊर्जा स्त्रोत है। लिवर कैंसर में भी शिलाजीत महत्वपूर्ण रोल निभाता है। स्वप्नदोष, शीघ्रपतन, कामेच्छा आदि में शिलाजीत बहुत ही लाभकारी है। बांझपन पीरियड संबंधित समस्याओं जैसे स्त्राव होना या अधिक होना में भी उपयोगी है।

अश्वगंधा और शिलाजीत के फायदे:

अश्वगंधा और शिलाजीत के कई सारे फायदे हैं इनमें से कुछ फायदे इस प्रकार है:

तेज दिमाग:

अश्वगंधा और शिलाजीत का उपयोग मस्तिष्क की कार्य प्रणाली को बेहतर करने के लिए किया जाता है। शिलाजीत न्यूरोप्रोटेक्टिव एजेंट की तरह कार्य कर मस्तिष्क को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाता है। भूलने की बीमारी या याददाश्त तेज करनी हो तो शिलाजीत बहुत ही फायदेमंद है। अश्वगंधा में मौजूद अल्जाईमर मस्तिष्क संबंधी बीमारियों को कम कर देता है।

अतः दिमाग को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए अश्वगंधा और शिलाजीत का सेवन आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह पर करें। तनाव को कम करता है। फ्री रेडिकल्स के कारण होने वाली मस्तिष्क समस्याओं में इनमें पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट गुण बहुत ही लाभकारी है।

मांसपेशियों की शक्ति में बढ़ावा:

अश्वगंधा और शिलाजीत के सेवन से मांसपेशियां मजबूत बनती है। थकावट की समस्या में भी असरदार है। यह मांसपेशियों की ताकत को बढ़ा देता है, जिससे जल्दी थकान की अनुभूति नहीं होती है। शिलाजीत के कैप्सूल मांसपेशियों की ताकत बढ़ाते हैं। अधिक कमजोरी महसूस होने पर दूध के साथ अश्वगंधा और शिलाजीत का मिश्रण ले, काफी आराम मिलेगा। इस मिश्रण से शरीर को ऊर्जा प्रदान होती है। पहलवान भी अश्वगंधा और शिलाजीत का सेवन करते हैं।

यौन समस्या का समाधान:

शिलाजीत और अश्वगंधा का सेवन यौन स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। शिलाजीत टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के स्तर को बेहतर करता है। स्पर्म कम होने की समस्या में भी बहुत असरदार है। अश्वगंधा स्पर्म संख्या बढ़ाता है व उनकी गुणवत्ता को बेहतर करता है ताकि इनफर्टिलिटी की समस्या से बचा जा सके। अश्वगंधा और शिलाजीत के नियमित सेवन से शीघ्रपतन की समस्या से राहत मिलती है।

रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाता है:

अश्वगंधा में इम्यूनोमोड्यूलेटरी प्रभाव होता है जो इम्यून पावर को शरीर की जरूरत के अनुसार बदल सकता है। साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करता है। अश्वगंधा में ही नहीं शिलाजीत में भी इम्यून सिस्टम को बढ़ाने के गुण मौजूद हैं। इसलिए इम्यून पावर को बढ़ाने के लिए अश्वगंधा और शिलाजीत का सेवन प्रभाव कारी हो सकता है।

मोटापे से छुटकारा:

अश्वगंधा और शिलाजीत का सेवन आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और इससे पेट की चर्बी को कम करता है। रोजाना सुबह अश्वगंधा और शिलाजीत के सेवन से बढ़ते वजन को कंट्रोल किया जा सकता है।

यूरिन संक्रमण को दूर करने में प्रभावी:

शिलाजीत और अश्वगंधा में पाए जाने वाले एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण किसी भी तरह के संक्रमण से बचाव करते हैं। मूत्रनली में संक्रमण मतलब खुजली, दर्द, चिड़चिड़ापन आदि को दूर करता है।

👉अश्वगंधा में कार्डियो प्रोटेक्टिव गुण पाया जाता है। जिससे हृदय संबंधी रोगों को कम करने में मदद मिलती है। अश्वगंधा में हाइपोलिपिडेमिक प्रभाव होने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को संतुलित रखने में मदद मिलती है।

👉अश्वगंधा और शिलाजीत में एंटी एजिंग प्रभाव पाए जाते हैं। जिसकी वजह से हम लंबे समय तक जवान रह सकते हैं। इसके सेवन से त्वचा की झुर्रियों एवं शरीर पर बढ़ती उम्र के दिखने वाले प्रभावों को कम किया जा सकता है।

अश्वगंधा और शिलाजीत के उपयोग का तरीका:

शिलाजीत और अश्वगंधा के फायदे जानने के बाद यही प्रश्न आता है कि इसका उपयोग या सेवन की जानकारी कहां से मिले? तो चलिए जानते हैं अश्वगंधा और शिलाजीत के उपयोग का तरीका

👉बाजार में अश्वगंधा और शिलाजीत का चुर्ण आसानी से उपलब्ध है साथ ही कैप्सूल के रूप में भी मिलते हैं।

👉वैसे तो अश्वगंधा और शिलाजीत के टेबलेट के पैकेट पर सारी जानकारी उपलब्ध है। स्वस्थ व्यक्ति सुबह एक अश्वगंधा की टेबलेट और रात को सोने से पहले शिलाजीत की टेबलेट ले सकता है।

👉अश्वगंधा और शिलाजीत का चुटकी भर चूर्ण दूध के साथ सेवन कर सकते हैं। पैकेट पर इसकी मात्रा लिखित होती है।

👉अश्वगंधा और शिलाजीत की चाय का सेवन कर सकते हैं।

👉वैसे शिलाजीत को तरल रूप में रात में गरम दूध या पानी के साथ लेना सबसे अधिक प्रभावी मन गया है, फिर भी आप इसके अन्य प्रकार जैसे कैप्सूल्स या पाउडर अपनी सुविधानुसार ले सकते है।

किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य के अनुसार मात्रा में बदलाव किया जा सकता है लेकिन फिर भी अश्वगंधा और शिलाजीत के सेवन से पहले आयुर्वेद एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें।

अश्वगंधा और शिलाजीत का सेवन से होने वाले नुकसान:

अश्वगंधा और शिलाजीत के बहुत सारे फायदे हैं। इनका आयुर्वेद में खास स्थान है। फिर भी इसका अधिक या गलत तरीके से सेवन नुकसानदायक हो सकता है। अधिक मात्रा में अश्वगंधा का सेवन हानिकारक हो सकता है।

कुछ लोगों को इसके सेवन से बचना चाहिए जैसे:

👉गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाएं इसका सेवन ना करें। अतिआवश्यक हो तो सेवन करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें

👉पेट से जुड़ी परेशानी (कब्ज, गैस, अपच) वाले बचे

👉ब्लड प्रेशर वाले

👉मधुमेह की दवाइयों का सेवन कर रहे हैं तो इसके सेवन से पहले चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।

👉कभी-कभी इसके सेवन से डायरिया हो सकता है।

अश्वगंधा और शिलाजीत का सेवन सेहत के लिए लाभकारी है। अगर सही मात्रा में आयुर्वेदाचार्य की सलाह पर लिया गया हो तभी। गंभीर शारीरिक समस्या से पीड़ित लोगों को बिना विशेषज्ञ इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

इसके अलावा अश्वगंधा और शिलाजीत सेवन से किसी तरह की समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि एक चिकित्सक ही आपसे बातचीत करके आपके शरीर की जरूरत के अनुसार मात्रा व समय निर्धारित करेगा।

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